उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कानपुर के बाबूपुरवा ईदगाह मैदान में आयोजित एक जनसभा के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने तंज कसा कि चुनाव नजदीक आते ही 'भैया' सक्रिय हो गए हैं। ओवैसी ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए मुजफ्फरनगर कांड का हवाला देते हुए सवाल किया कि उस दौरान करीब 50 हजार लोग बेघर हुए थे, जिसका हिसाब जनता को मिलना चाहिए।
ओवैसी ने मुस्लिम मतदाताओं से अपील की कि वे सिर्फ वोट बैंक बनकर न रहें, बल्कि अपने जनप्रतिनिधियों से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और विकास कार्यों का हिसाब मांगें। उन्होंने सैफई में मेडिकल कॉलेज और एयरस्ट्रिप का उदाहरण देते हुए आजमगढ़ के विकास पर भी सवाल उठाए। मंच पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया और भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि बैरिकेडिंग के टूटने का खतरा उत्पन्न हो गया था। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी और पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए बैरिकेडिंग को सहारा दिया।
सभा में ओवैसी ने बर्रा कब्रिस्तान में हुई कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद कब्रों को ध्वस्त किया गया और सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2024 के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना था कि किसी भी निर्माण को हटाने से पूर्व 15 दिन का नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया अनिवार्य है, जबकि यहां मात्र एक दिन का समय दिया गया।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने विपक्षी दलों को गठबंधन का प्रस्ताव दिया। ओवैसी ने स्पष्ट किया कि वह राज्य में भाजपा की सरकार को तीसरी बार नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दल भाजपा को रोकना चाहते हैं, तो उन्हें AIMIM से हाथ मिलाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने दो अक्टूबर तक का समय निर्धारित किया है और कहा है कि गठबंधन की घोषणा उसी दिन की जाएगी। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश का भविष्य उनके हाथों में है और उन्हें एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए।