उत्तर प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा को एक और बड़ी गति मिली है। राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में 7,600 करोड़ रुपये के नए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन ग्रीनफील्ड परियोजनाओं को अमेरिका, पोलैंड और बेल्जियम के प्रमुख औद्योगिक समूहों की भारतीय सहायक कंपनियों द्वारा विकसित किया जाएगा। ये पांच महत्वपूर्ण परियोजनाएं उत्तर प्रदेश FDI/FCI, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनी निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 के तहत लाई गई हैं।
इस निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा मेरठ में निवेशित होगा। अमेरिका स्थित बॉल कॉरपोरेशन की भारतीय इकाई, बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया ने मेरठ के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) में एल्युमीनियम बेवरेज कैन बनाने की सुविधा के लिए 2,913 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, अमेरिका की ही कंपनी क्राउन होल्डिंग्स की सहायक इकाई, क्राउन पैकेजिंग इंडिया, उन्नाव में 2,078 करोड़ रुपये की लागत से अपना कारखाना स्थापित करेगी। इस इकाई के लिए हाल ही में ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) का आयोजन किया गया था, जिससे लगभग 1,700 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। यह प्लांट उन्नाव के IMLC में 40 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा।
इन प्रमुख परियोजनाओं के अलावा, राज्य सरकार ने तीन अन्य FDI प्रस्तावों के लिए लेटर्स ऑफ कंफर्ट (LoCs) जारी करने की घोषणा की है, जिनका कुल मूल्य 2,606 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें बिजनौर में एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा फ्रेंच फ्राइज प्लांट के लिए 794 करोड़ रुपये, उन्नाव में कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एल्युमीनियम बेवरेज कैन प्लांट के लिए 1,574 करोड़ रुपये और कानपुर देहात में सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा प्लास्टिक उत्पाद निर्माण के लिए 238 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
राज्य के औद्योगिक विकास मंत्री का कहना है कि सरकार न केवल फैक्ट्रियों का पंजीकरण कर रही है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य की 36 से अधिक क्षेत्रीय नीतियों का लाभ कंपनियों को मिल रहा है और प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। यह डेटा 17 सितंबर 2026 को जारी किया गया था।