उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है, जहां एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता और असदुद्दीन ओवैसी के करीबी माने जाने वाले सैयद असीम वकार ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पार्टी के राज्य प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी उपस्थित थे।
पार्टी छोड़ने के बाद वकार ने अपनी पूर्व पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम का मुख्य उद्देश्य भाजपा को हराना नहीं है, बल्कि वह उन दलों के खिलाफ काम कर रही है जो भाजपा को सत्ता से बेदखल करना चाहते हैं। वकार ने कहा, 'इतने वर्षों तक पार्टी में रहने के बाद मैंने महसूस किया कि हम केवल दिखावे के लिए कहते हैं कि भाजपा को हराना है, लेकिन वास्तव में हम कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से लड़ रहे होते हैं। यदि हम विपक्ष को ही कमजोर करेंगे, तो इससे भाजपा को ही फायदा होगा।'
उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य अब भाजपा को ईमानदारी से हराना है और देश के प्रति सच्चा राष्ट्रवादी होने के नाते उन्होंने कांग्रेस के साथ जुड़ने का फैसला किया है। वकार ने दावा किया कि पूरे देश में अगर कोई भाजपा के खिलाफ मजबूती से खड़ा है, तो वह कांग्रेस और राहुल गांधी की टीम है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सैयद असीम वकार का यह कदम राज्य की राजनीति में ओवैसी की पार्टी के प्रभाव को प्रभावित कर सकता है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, जहां भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों का एकजुट मोर्चा तैयार होने की संभावना है, इस घटनाक्रम को विपक्षी खेमे के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।