लखनऊ में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारंभ के साथ ही राज्य भर में नई व्यवस्था की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण बरेली के आईएमए हॉल में किया गया, जहां स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर आउटसोर्सिंग के जरिए काम करने वाले कर्मचारियों के प्रति सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट की गईं। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को चेक और कार्य किट का वितरण किया गया। कुल 38 लाभार्थियों को 57.15 लाख रुपये का लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा, पारदर्शी कार्यप्रणाली और समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि 19 सितम्बर 2025 के शासनादेश के अनुरूप इस निगम का गठन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आउटसोर्सिंग कर्मियों को ईपीएफ, ईएसआईसी, चिकित्सा सुविधाओं, प्रशिक्षण और बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराना है। इस आयोजन में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना, कन्या विवाह सहायता योजना और निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के तहत हितग्राहियों को डमी चेक सौंपे गए। निगम के गठन से अब इन कर्मचारियों के कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का बेहतर समाधान हो सकेगा।