लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के दौरान राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिली। इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी की आगामी रणनीति और वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा पंजाब सहित 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें पहली बार आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद अपने पिता आनंद कुमार के साथ शामिल हुए। ईशान ने पार्टी का पटका पहनकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बैठक के दौरान मायावती के पास ही मौजूद रहे।
इस अवसर पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्पष्ट किया कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य शोषित समाज को सत्ता में उचित भागीदारी दिलाना है। उन्होंने कांशीराम के विचारों को याद करते हुए कहा कि वे परिवार के सदस्यों को पार्टी के कार्यों में सहयोग तो करने देते थे, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ाने या सरकार में पद देने के पक्ष में कभी नहीं रहे। मायावती ने संकेत दिया कि किसी को भी पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने से पहले उसकी परिपक्वता को परखना आवश्यक है।
बैठक में संगठनात्मक तैयारियों को लेकर भी ठोस निर्णय लिए गए। बसपा ने 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अब तक 30 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रभारियों की घोषणा कर दी है, जबकि 50 से ज्यादा नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। इन प्रभारियों ने अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। बैठक में ईशान आनंद के अलावा दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश सिंह ने भी शिरकत की, जिन्हें कुछ दिन पहले ही पार्टी ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। यह बैठक बसपा की भविष्य की चुनावी रणनीति और पार्टी में नई पीढ़ी की सक्रियता के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।