उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सियासी समीकरणों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर संकेत मिलने लगे हैं, लेकिन सीटों के बंटवारे का मुद्दा अब चर्चा का विषय बन गया है। इस बीच, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सीट शेयरिंग को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए सपा पर दबाव बनाया है।
इमरान मसूद का कहना है कि वर्तमान में कांग्रेस की जमीनी पकड़ मजबूत हुई है और पार्टी की ग्रोथ बढ़ रही है, इसलिए आगामी चुनाव में उन्हें पहले की तुलना में अधिक और सम्मानजनक सीटें मिलनी चाहिए। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए याद दिलाया कि उस समय जब कांग्रेस का प्रभाव कम था, तब भी सपा ने गठबंधन के तहत उन्हें सीटें दी थीं। मसूद के अनुसार, मौजूदा समय में कांग्रेस के पास 6 लोकसभा सांसद हैं, जो पार्टी की बेहतर स्थिति को दर्शाते हैं।
उधर, समाजवादी पार्टी के नेतृत्व की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया है कि अगला चुनाव इंडी गठबंधन के बैनर तले मिलकर लड़ा जाएगा। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भी अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा करते हुए गठबंधन पर सहमति जताई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2017 के चुनाव में कांग्रेस 105 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। अब देखना यह होगा कि इस बार गठबंधन में कांग्रेस को कितनी सीटों पर सहमति बनती है, क्योंकि पार्टी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। हालांकि, दोनों दलों के बीच अभी तक औपचारिक रूप से सीटों के आंकड़े पर कोई बातचीत शुरू नहीं हुई है, लेकिन इमरान मसूद के इस बयान ने राज्य की सियासत में हलचल जरूर पैदा कर दी है।