कानपुर में जाजमऊ स्थित पुराने गंगा पुल की मरम्मत का कार्य अब अंतिम चरण में है, जिसके चलते इसे सात सितंबर के बाद बंद करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अनुसार, पुल के ऊपरी हिस्से में मरम्मत कार्य के लिए इसे करीब तीन महीने तक यातायात के लिए बंद रखा जाएगा। सीआरआरआई की रिपोर्ट और बारिश के कारण पुल की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, क्योंकि पुल पर गड्ढे होने और बेयरिंग खराब होने के चलते कंपन की गंभीर समस्या बनी हुई है।
परियोजना निदेशक पंकज यादव के मुताबिक, कानपुर और फतेहपुर प्रशासन से पुल बंद करने की अनुमति पहले ही मिल चुकी है। वर्तमान में एनएचएआई उन्नाव प्रशासन की औपचारिक सहमति का इंतजार कर रहा है। यदि सात सितंबर के बाद भी पुल को बंद नहीं किया गया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी। इस दौरान ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए एनएचएआई ने 14 वैकल्पिक मार्गों की योजना तैयार की है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।
इस डायवर्जन की राह में सरैंया क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन आरओबी एक मुख्य बाधा बनी हुई है। रेलवे लाइन के ऊपर बनने वाले तीन स्पैन में से दो का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि तीसरे हिस्से का काम अभी अधूरा है। सेतु निगम ने इसे जल्द पूरा करने के लिए उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के डीआरएम को पत्र लिखा है। एनएचएआई ने उम्मीद जताई थी कि मरम्मत शुरू होने तक आरओबी का कार्य संपन्न हो जाएगा, लेकिन काम समय पर पूरा न हो पाने के कारण अब वैकल्पिक यातायात प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।