प्रयागराज जिले की कोरांव तहसील क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के कई गांवों में गरीबों के कच्चे खपरैल और छप्पर वाले मकान ढह गए हैं, जिसके चलते कई परिवार बेघर हो गए हैं। इन परिवारों के सामने अब सिर छुपाने की जगह के साथ-साथ खाने-पीने का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोरांव के उप जिलाधिकारी ठाकुर प्रसाद ने संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी क्षेत्रीय लेखपालों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित गांवों में जाकर तुरंत नुकसान का सर्वे करें और पीड़ित परिवारों की सूची तैयार करें। उप जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा है कि आकलन के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
तेज बारिश के कारण हुई तबाही का असर रत्योरा करपिया गांव के अलावा भगेसर, बरनपुर, महुली, हनुमानगंज, बलापुर, रामपुर कला, साजी, पसना, बदौर, लेडियारी, नीबी, अंतरी, उसरी, तिवारीपुर, मिश्रपुर, गिरगोठा, सेमरी जिरौहां और किहुनी समेत कई गांवों में देखने को मिला है। इन गांवों में अनेक गरीबों के घर गिर जाने से वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार हो रही बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और दैनिक कामकाज पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है। प्रभावित परिवारों ने तहसील प्रशासन से राहत और आर्थिक मदद की गुहार लगाई है ताकि वे अपनी टूटी हुई व्यवस्था को फिर से संभाल सकें।