संत कबीर नगर में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। हाल ही में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) और जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बैंकों के जिला समन्वयक मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के तहत लंबित लोन आवेदनों का निपटारा करना रहा। जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदनों को बिना किसी अनावश्यक देरी के जल्द से जल्द मंजूर कर उनका वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि किसी आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो बैंक को स्पष्ट रूप से उसका कारण बताते हुए उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर खारिज करना होगा।
बैंकों के लोन-जमा अनुपात यानी CD Ratio में सुधार लाने के लिए जिलाधिकारी ने विशेष रूप से पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक और यूपी ग्रामीण बैंक को निर्देशित किया। पंजाब नेशनल बैंक के प्रदर्शन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने बैंक के उच्च अधिकारियों के साथ अलग से बैठक करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, सीएम युवा, पीएम स्वनिधि, पीएमएफएमई, पीएम सूर्य घर और ODOP जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप काम पूरा करने को कहा गया है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि संबंधित अधिकारी या बैंक प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों में कोताही बरतते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक में आरबीआई प्रतिनिधि, लीड बैंक अधिकारी और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत अन्य संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि वित्तीय संस्थानों के सहयोग से जिले में आर्थिक गतिविधियों को गति दी जाए और आम जनता को स्वरोजगार के लिए आवश्यक ऋण सुविधा सुगमता से मिल सके।