लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कार्य संस्कृति में आए बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार युवाओं को आधुनिक कौशल, इनोवेशन और तकनीकी शिक्षा से लैस कर रोजगार के योग्य बना रही है। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौरान कुछ प्रभावशाली सिंडिकेट एजेंसियों के माध्यम से कर्मचारियों का शोषण करते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने व्यवस्था को सुधारा है और अब आउटसोर्सिंग में पारदर्शिता लाने के लिए काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को अब बोझ नहीं, बल्कि मानव संसाधन की संपत्ति माना जाता है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया है, ताकि इन कर्मियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा और लाभ मिल सकें। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सचिवालय प्रशासन विभाग और नगर निगम लखनऊ के कई आउटसोर्स कर्मियों को चेक भी वितरित किए। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में गवर्नेंस को अधिक मानवीय होना चाहिए। साथ ही, उन्होंने एक जनपद-एक उत्पाद योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे सरकार ने कारीगरों को बाजार और तकनीक से जोड़कर उन्हें प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बनाया है।