उत्तर प्रदेश में मानसून का असर एक बार फिर से तेज हो गया है, जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने आज आगरा समेत राज्य के 11 जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रदेश की नदियों को उफान पर ला दिया है। गंगा, यमुना और मंदाकिनी जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मीरजापुर, प्रयागराज, सोनभद्र और चित्रकूट के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण प्रदेश भर में बादलों का डेरा बना हुआ है। आज इसका सबसे अधिक प्रभाव बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में देखने को मिलेगा। विभाग ने आगरा, इटावा, औरैया, कानपुर, जालौन, हमीरपुर, झांसी, महोबा, बांदा और चित्रकूट में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि ललितपुर में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, मथुरा, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और औरैया के भी अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
राजधानी लखनऊ सहित अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव और फतेहपुर जैसे जिलों में भी मध्यम बारिश की बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। वहीं, प्रदेश के अन्य कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी का दौर चलता रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश का यह क्रम 5 सितंबर तक बना रह सकता है। इसके बाद 6 सितंबर से पूर्वांचल के क्षेत्रों में मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने के आसार हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नजर बनाए रखी है और नागरिकों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।