उत्तर प्रदेश में जलस्तर बढ़ने और नदियों के उफान पर होने के कारण प्रदेश सरकार ने राज्यभर में अलर्ट जारी कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा 1 सितंबर से 6 सितंबर के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने के पूर्वानुमान के बाद राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी जिला प्रशासनों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। गंगा नदी बल्लिया, मिर्जापुर, गाजीपुर और प्रयागराज में खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है। इसी तरह, बल्लिया में घाघरा, वाराणसी में वरुणा, प्रयागराज में टोंस, मिर्जापुर में जिर्गो और सोनभद्र में सोन नदी ने चेतावनी स्तर को पार कर लिया है। राज्य के अन्य हिस्सों की बात करें तो श्रावस्ती में राप्ती और बाराबंकी तथा अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है।
बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार बचाव और राहत कार्यों के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासनों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और जरूरतमंद लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाई जाए। प्रशासन का मुख्य जोर आपदा से पहले की तैयारियों पर है, ताकि भारी बारिश या अचानक आने वाली बाढ़ की स्थिति में आम जनता को त्वरित मदद मिल सके।
मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बल्लिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, एटा, कासगंज, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अतिरिक्त, राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी व्यापक अलर्ट जारी किया गया है, जिसके लिए प्रशासन ने विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं।