बलिया में एक बार फिर मानवीय संवेदना और प्रशासनिक सक्रियता की मिसाल देखने को मिली है। जिले की एक दिव्यांग युवती, जो जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझ रही थी, सोशल मीडिया पर उसका वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए उसे सहायता पहुंचाई। इस युवती की शारीरिक स्थिति ऐसी है कि उसके दोनों पैर काम नहीं करते और एक हाथ भी बेहद कमजोर है। परिवार की माली हालत भी बहुत तंग है, जिसके कारण उसकी शिक्षा में भी रुकावट आ गई थी।
वायरल वीडियो के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले का संज्ञान लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की टीम ने मात्र 24 घंटे के भीतर युवती के घर पहुंचकर उसे राहत प्रदान की। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मौके पर पहुंचकर युवती को ट्राई साइकिल, पीएमश्री आवास और दिव्यांग शौचालय उपलब्ध कराया। साथ ही, उसके आगे की पढ़ाई को लेकर भी सकारात्मक पहल की गई है, जिसके तहत उसे नौवीं कक्षा में दाखिला दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
युवती के परिवार के लिए यह सहायता किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। अब संसाधन मिलने के बाद वह पुनः अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा सकेगी। इससे पहले भी इस क्षेत्र में प्रशासनिक हस्तक्षेप से जरूरतमंदों की मदद के मामले सामने आए हैं, जिसने स्थानीय स्तर पर चर्चाओं को जन्म दिया है। प्रशासन का कहना है कि पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है ताकि कोई भी अपनी शारीरिक अक्षमता या गरीबी के कारण पीछे न छूटे।