उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए 3,660 करोड़ रुपये की लागत से एक महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। 120 किलोमीटर लंबा यह 6 लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर अंबाला से शामली के बीच की दूरी को काफी कम कर देगा, जिससे यात्रा का समय अब 3 घंटे से घटकर महज 90 मिनट रह जाएगा। इस प्रोजेक्ट का लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है और मार्च 2027 तक इसके पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेसवे का 75 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में जबकि 45 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश की सीमा में पड़ता है। यह मार्ग अंबाला-चंडीगढ़ रोड से शुरू होकर शामली के थाना भवन तक जाएगा, जहाँ से यह दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ जाएगा। यह प्रोजेक्ट हरियाणा के अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और शामली जैसे जिलों को आपस में जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि व्यावसायिक दृष्टि से भी इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंबाला की मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट, यमुनानगर का प्लाईवुड उद्योग और शामली व मुजफ्फरनगर की चीनी मिलों के लिए माल ढुलाई आसान और सस्ती हो जाएगी। नेटवर्क के लिहाज से यह एक्सप्रेसवे कई बड़े कॉरिडोर से जुड़ेगा। शामली के गोगवान जलालपुर में यह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और भविष्य में गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे से जुड़कर सिलीगुड़ी तक की सुपरफास्ट कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। वहीं, सादलपुर में इसका कनेक्शन अंबाला-चंडीगढ़ और अंबाला-मोहाली रूट से होगा, जिससे पंजाब और हिमाचल की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को अंबाला शहर के ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।