उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में BJP ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी और महासचिव विनोद तावड़े ने चुनावी मिशन के तहत सक्रियता बढ़ा दी है। वे 16 सितंबर से 22 सितंबर के बीच राज्य के तीन क्षेत्रों और 15 जिलों का सघन दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पार्टी के जमीनी स्तर के काम और संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत करना है।
पार्टी के टिकट के दावेदारों को विनोद तावड़े ने एक स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट चाहने वाले नेताओं को दिल्ली के चक्कर लगाने के बजाय अपने विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। तावड़े ने कहा कि यदि कोई नेता दिल्ली में अधिक दिखाई देगा, तो उनकी दावेदारी पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इसके विपरीत, जो कार्यकर्ता बूथ स्तर पर सक्रिय रहकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, उनका पक्ष मजबूत होगा।
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए BJP की रणनीति स्पष्ट है। पार्टी टिकटों के मूल्यांकन के लिए बूथ स्तर पर की गई लामबंदी और जमीनी प्रदर्शन को प्राथमिकता देगी। पार्टी ने राज्य में सामाजिक और जातीय समीकरणों को भी संतुलित करने की दिशा में कार्य तेज कर दिया है, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC और अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व देने पर ध्यान दिया जा रहा है।
बता दें कि विनोद तावड़े की नियुक्ति एक अनुभवी रणनीतिकार के रूप में हुई है, जिन्हें चुनाव प्रबंधन का व्यापक अनुभव है। उनके साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को राज्य का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। तावड़े ने 5 सितंबर को राज्य प्रभारी के रूप में अपनी पहली यात्रा पूरी की थी। अपनी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले तावड़े 1999 में मुंबई में सबसे युवा प्रदेश अध्यक्ष रहे थे और अब उनकी नजर आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूती देने पर है।