बदायूं में हजारों निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहे दो आरोपियों को आखिरकार STF ने धर दबोचा है। पुलिस की गिरफ्त में आए इन दोनों आरोपियों पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था। लंबे समय से फरार चल रहे ये आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। बदायूं निवासी 58 वर्षीय शशिकांत और 50 वर्षीय सूर्यकांत के खिलाफ वर्ष 2025 में बदायूं के कोतवाली थाने में चार मुकदमे दर्ज किए गए थे। STF की नोएडा टीम ने सोमवार को शाम 5:40 बजे इन्हें गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पृष्ठभूमि के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, शशिकांत ने वर्ष 1988 में बदायूं के जालंधरी सराय क्षेत्र में एक परचून की दुकान शुरू की थी। इसके बाद, वर्ष 2004-05 के दौरान उसने एक फाइनेंस कंपनी के लिए फील्ड एजेंट के तौर पर काम किया और बाद में 'अमर ज्योति हायर परचेज' नाम से अपनी कंपनी खोली। वर्ष 2016 में इन्होंने 'अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड' नाम से एक नई कंपनी बनाई। आरोप है कि इस कंपनी के माध्यम से लोगों को लुभावने ऑफर दिए गए, जिसमें पैसा कम समय में दोगुना करने का झांसा भी शामिल था। हजारों लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई इन कंपनियों में निवेश की, लेकिन समय पर भुगतान न मिलने के कारण वे ठगी का शिकार हो गए।
पुलिस के अनुसार, धोखाधड़ी के ये मामले सामने आने के बाद दोनों आरोपी बदायूं से फरार हो गए थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे करीब आठ महीने दिल्ली के उत्तम नगर में छिपे रहे। इसके बाद, वे लखनऊ के कृष्णानगर स्थित मानस नगर इलाके में आकर रहने लगे थे। STF को जब उनकी मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली, तो टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। फिलहाल STF मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपियों की गतिविधियों की गहन जांच कर रही है ताकि धोखाधड़ी के इस पूरे जाल का पर्दाफाश किया जा सके।