कानपुर के रहने वाले एक इंजीनियर चंदन गुप्ता के सुरक्षित घर लौटने से उनके परिजनों ने बड़ी राहत की सांस ली है। रूस में कुछ दिनों तक हिरासत में रहने के बाद अब चंदन सकुशल अपने घर वापस आ चुके हैं। इस बात की पुष्टि उनकी पत्नी ने एक वीडियो जारी करके की है। चंदन के साथ काम करने वाली नोएडा स्थित कंपनी ने इस मुश्किल घड़ी में कानूनी सहायता उपलब्ध कराई, जिससे उनकी रिहाई संभव हो सकी।
उनकी पत्नी ने बताया कि उन्हें अपने पति की हिरासत के बारे में उस समय पता चला जब उन्हें इस घटना की सूचना मिली थी। उस समय चंदन का पासपोर्ट और फोन उनसे ले लिया गया था। हालांकि, कंपनी की रूस स्थित शाखा के प्रबंधन ने लगातार संपर्क बनाए रखा और वकील नियुक्त करने में मदद की। रिहाई के बाद अब चंदन अपने परिवार के पास हैं, जिससे उनकी पत्नी ने संतोष जाहिर किया है।
इससे पहले, जब चंदन वहां हिरासत में थे, तब उनकी पत्नी ने चिंता जताई थी कि उन्हें RUSSIAN ARMY में भर्ती होने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उन्होंने इस संबंध में मदद की गुहार लगाई थी। उनकी पत्नी ने इस कठिन दौर में सहयोग देने के लिए सभी संबंधित लोगों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने मीडिया में आई उन दावों की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें उनके पति के खिलाफ कुछ आरोप लगाए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरें बेबुनियाद हैं।
घटना के दौरान 11.40 के आसपास का समय महत्वपूर्ण रहा, जब उन्हें हिरासत में लिया गया था। चंदन का परिवार फिलहाल राहत महसूस कर रहा है, क्योंकि 10 वर्षीय बेटे के पिता की घर वापसी सुरक्षित हो गई है। अभी तक इस मामले में किसी भी आधिकारिक एजेंसी द्वारा विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन भारतीय दूतावास ने इस मामले की जानकारी ली थी और स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क में था। यह पूरा प्रकरण एक पेशेवर असाइनमेंट के लिए गए इंजीनियर की सुरक्षा को लेकर चर्चा का विषय बना रहा था।