मुरादाबाद में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे-9 की सर्विस रोड पर स्थित मुस्तफा मस्जिद को लेकर एमडीए की तरफ से एक कानूनी नोटिस भेजा गया है। यह मामला पाकबड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां टीएमयू यूनिवर्सिटी के निकट स्थित इस धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। एमडीए द्वारा जारी किए गए नोटिस में मस्जिद कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्माण कार्य से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करें। अधिकारियों का कहना है कि यह नोटिस बिना स्वीकृति और अवैध स्थान पर निर्माण किए जाने की संभावनाओं के मद्देनजर भेजा गया है।
इस मामले से जुड़ी आधिकारिक प्रक्रिया 21 अगस्त को शुरू हुई थी, जब एमडीए ने नोटिस जारी करते हुए संबंधित पक्ष को 3 सितंबर तक का समय दिया था। अब जबकि निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी है, यह स्पष्ट नहीं है कि आगे की प्रक्रिया क्या होगी। नोटिस में यह भी पूछा गया है कि कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश क्यों न दिया जाए।
दूसरी ओर, मस्जिद के इमाम मोहम्मद शाने अजहरी ने एमडीए से नोटिस मिलने की पुष्टि की है और मस्जिद को काफी पुराना बताया है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय सांसद ने इसे चुनावी हथकंडा करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम जनता का ध्यान महंगाई और स्वास्थ्य जैसे वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एमडीए द्वारा मांगे गए दस्तावेजों के परीक्षण के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और कमेटी अपना पक्ष किस तरह मजबूती से रख पाती है। एमडीए की ओर से आगामी कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है, जो कि इस निर्माण की वैधता और भविष्य तय करेगी।