लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय 'UP Textile Conclave-2026' का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया। 8 और 9 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की समृद्ध कपड़ा विरासत और राज्य के औद्योगिक सामर्थ्य पर विशेष जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के वस्त्रों की मांग ऐतिहासिक रूप से रोम और ग्रीस जैसी सभ्यताओं तक रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी की सिल्क साड़ियां, भदोही के कालीन, लखनऊ की चिकनकारी और कानपुर का चमड़ा व औद्योगिक इकोसिस्टम राज्य की औद्योगिक क्षमता के जीवंत उदाहरण हैं। साथ ही, उन्होंने मेरठ में स्पोर्ट्स गुड्स और तकनीकी वस्त्रों की संभावनाओं को भी रेखांकित किया। राज्य के पास उपलब्ध संसाधनों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुशल मानव संसाधन, उद्योग, उद्यमिता और दुनिया की सबसे युवा कार्यबल मौजूद है। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि पिछले 6 वर्षों में राज्य से टेक्सटाइल, परिधान और हस्तशिल्प के निर्यात में लगभग 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रमुख कपड़ा और परिधान उद्यमियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की। यह आयोजन प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।